आकलन और वित्त

PM सूर्य घर सब्सिडी कैलकुलेटर

केंद्र + राज्य सब्सिडी, सब्सिडी के बाद लागत और पेबैक — आपके घर और राज्य के हिसाब से।

मुफ़्त · साइन-अप नहीं · गणना आपके डिवाइस पर होती है

PM सूर्य घर सब्सिडी की अवधि: 31 मार्च 2027

₹78,000 की केंद्रीय आवासीय सब्सिडी वित्त वर्ष 2026-27 के अंत (31 मार्च 2027) तक स्वीकृत है। इस तारीख़ से काफ़ी पहले आवेदन करें और सिस्टम चालू करवाएँ। अभी तक किसी विस्तार की आधिकारिक सूचना नहीं है; MNRE ने संकेत दिया है कि मार्च 2027 तक एक करोड़ घरों का लक्ष्य पूरा न हो पाए, जिससे विस्तार संभव तो है पर पक्का नहीं — प्रकाशित तारीख़ के हिसाब से ही योजना बनाएँ।

अक्टूबर 2026 तक की स्थिति — वर्तमान जानकारी की पुष्टि pmsuryaghar.gov.in पर करें।

आपका घर

आवासीय रूफटॉप, ग्रिड से जुड़ा सिस्टम। हाउसिंग सोसाइटी के लिए सोसाइटी सब्सिडी के नियम (अंग्रेज़ी) देखें।

हाल के बिल की राशि को उसमें दी गई यूनिटों से भाग दें। ₹7 केवल एक अनुमान है, आपकी असली दर नहीं।

महाराष्ट्र में 3 kW पर कुल सब्सिडी

₹78,000

केंद्र ₹78,000

सब्सिडी के बाद अनुमानित लागत

₹87,000 – ₹1,47,000

अनुमानित इंस्टॉलेशन लागत ₹1,65,000 – ₹2,25,000 से

लागत वसूली की अवधि (Payback Period)

2.8 – 4.7 साल

₹7/यूनिट पर, अगर पूरी बिजली आपके बिल की जगह लेती है

महाराष्ट्र में अनुमानित बिजली उत्पादन

≈ 4,441 यूनिट/साल · लगभग ₹31,089/साल की बचत

5.2 पीक सन आवर × 78% परफ़ॉर्मेंस रेश्यो। असली उत्पादन छाया और रखरखाव पर निर्भर करता है।

इस राज्य की किसी रिपोर्ट की गई या घोषित योजना का विवरण अंग्रेज़ी पेज पर उपलब्ध है। जानें कि यह आपकी महाराष्ट्र की कुल राशि पर कैसे असर डालता है।

हमारी सत्यापित सूची में महाराष्ट्र के लिए कोई राज्य टॉप-अप दर्ज नहीं है, इसलिए केवल केंद्र की सब्सिडी दिखाई गई है। कुछ राज्य अतिरिक्त प्रोत्साहन देते हैं — अपनी DISCOM से पुष्टि कर लें।

यह नतीजा परिवार या अपने इंस्टॉलर को भेजें

ये केवल अनुमान हैं। केंद्र की राशि PM सूर्य घर के प्रकाशित नियम (पहले 2 kW पर ₹30,000 प्रति kW, तीसरे kW पर ₹18,000, अधिकतम ₹78,000) के अनुसार है और सिस्टम चालू होने तथा सत्यापन के बाद मिलती है; पात्रता योजना की शर्तों पर भी निर्भर करती है, जैसे पंजीकृत वेंडर, देश में बने (DCR) मॉड्यूल और नेट मीटरिंग। लागत की सीमाएँ बाज़ार के अनुमानित दायरे हैं, कोटेशन नहीं — कम से कम तीन लिखित कोटेशन लें।