PM सूर्य घर · राज्य गाइड

उत्तर प्रदेश में रूफटॉप सोलर सब्सिडी

उत्तर प्रदेश के आवासीय उपभोक्ता PM सूर्य घर के तहत क्या पा सकते हैं, आवेदन DISCOM के ज़रिए कैसे चलता है, और आपके इलाके में रूफटॉप सिस्टम असल में कितनी बिजली बनाएगा।

5 घंटे

दैनिक औसत धूप (Peak Sun Hours / Day)

~119

यूनिट / kW / माह

₹78,000

अधिकतम केंद्रीय सब्सिडी (3 kW+)

PM सूर्य घर सब्सिडी की अवधि: 31 मार्च 2027

₹78,000 की केंद्रीय आवासीय सब्सिडी वित्त वर्ष 2026-27 के अंत (31 मार्च 2027) तक स्वीकृत है। इस तारीख़ से काफ़ी पहले आवेदन करें और सिस्टम चालू करवाएँ। अभी तक किसी विस्तार की आधिकारिक सूचना नहीं है; MNRE ने संकेत दिया है कि मार्च 2027 तक एक करोड़ घरों का लक्ष्य पूरा न हो पाए, जिससे विस्तार संभव तो है पर पक्का नहीं — प्रकाशित तारीख़ के हिसाब से ही योजना बनाएँ।

अक्टूबर 2026 तक की स्थिति — वर्तमान जानकारी की पुष्टि pmsuryaghar.gov.in पर करें।

केंद्र की सब्सिडी (पूरे देश में एक समान)

PM सूर्य घर: मुफ़्त बिजली योजना की सब्सिडी उत्तर प्रदेश सहित पूरे भारत में एक जैसी है। यह कमीशनिंग और निरीक्षण के बाद सीधे आवेदक के बैंक खाते में आती है।

सिस्टम क्षमताकेंद्रीय सहायता
पहले 2 kW₹30,000 प्रति kW
तीसरा kW₹18,000 प्रति kW
3 kW से ऊपरकोई अतिरिक्त केंद्रीय सब्सिडी नहीं (अधिकतम ₹78,000)

उत्तर प्रदेश की राज्य सब्सिडी — केंद्र की राशि के ऊपर

उत्तर प्रदेश में अतिरिक्त

₹15,000 प्रति kW राज्य सब्सिडी (अधिकतम ₹30,000)

उत्तर प्रदेश (UPNEDA के माध्यम से) केंद्र की सब्सिडी के ऊपर प्रति kW ₹15,000 की राज्य सब्सिडी देता है, जो आवासीय सिस्टम के लिए अधिकतम ₹30,000 तक है। केंद्र के ₹78,000 के साथ मिलाकर 3 kW वाले घर को कुल ₹1,08,000 तक मिल सकते हैं — देश में सबसे ज़्यादा संयुक्त सब्सिडी वाले राज्यों में से एक। राज्य का हिस्सा निरीक्षण के बाद सीधे बैंक खाते में आता है और केंद्र की राशि से अलग होता है।

संभावित सीमा: यूपी राज्य सब्सिडी के लिए 1 लाख उपभोक्ताओं का कैप?

कई मीडिया रिपोर्ट्स और सोलर इंडस्ट्री सूत्रों के अनुसार, यूपी सरकार की ₹15,000/kW (अधिकतम ₹30,000) की स्टेट सब्सिडी केवल 'पहले 1 लाख उपभोक्ताओं' तक सीमित हो सकती है और यह सिस्टम चालू (कमीशन) होने के बाद रीइम्बर्समेंट के रूप में मिलती है। चूंकि UPNEDA के आधिकारिक पोर्टल पर इसका स्पष्ट उल्लेख नहीं है, इसलिए हम स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि नहीं कर पाए हैं। यदि यह सीमा लागू है, तो पहले आवेदन करने वालों को ही इसका लाभ मिलेगा — इसलिए स्टेट सब्सिडी को अपने बजट में पक्का मानने से पहले UPNEDA पोर्टल या अपने वेंडर से इसकी पुष्टि ज़रूर कर लें।

जाँच: अक्टूबर 2026। स्रोत: UPNEDA rooftop solar portal

UPNEDA (UP New & Renewable Energy Development Agency)

सब्सिडी की जानकारी अक्टूबर 2026 को जाँची गई। योजनाएँ और राशियाँ अक्सर बदलती हैं — खरीदने का फ़ैसला लेने से पहले हमेशा आधिकारिक राज्य पोर्टल या अपनी DISCOM से पुष्टि करें।

उत्तर प्रदेश में नेट मीटरिंग

स्वीकृत भार (सैंक्शन्ड लोड) के 100% तक नेट मीटरिंग; वित्तीय वर्ष के अंत में ग्रिड को भेजी गई बची हुई अतिरिक्त बिजली का भुगतान नियामक (APPC) दर पर होता है, जो खुदरा बिजली दर से काफ़ी कम होती है। साल के अंत की अतिरिक्त बिजली आम तौर पर खुदरा टैरिफ़ से कम पर खरीदी जाती है, इसलिए अपनी खपत के हिसाब से सिस्टम चुनें। पूरा ब्योरा और भरोसे का स्तर अंग्रेज़ी पेज पर देखें।

उत्तर प्रदेश में आवेदन कैसे करें

  1. 1राष्ट्रीय पोर्टल (pmsuryaghar.gov.in) पर अपने बिजली उपभोक्ता नंबर और DISCOM की जानकारी के साथ पंजीकरण करें।
  2. 2ऑनलाइन आवेदन जमा करें; DISCOM आपके कनेक्शन के लिए तकनीकी व्यवहार्यता जाँचती है।
  3. 3व्यवहार्यता की मंज़ूरी के बाद अपनी पसंद के किसी भी पंजीकृत वेंडर से सिस्टम लगवाएँ।
  4. 4नेट मीटरिंग के लिए आवेदन करें; DISCOM प्लांट का निरीक्षण करती है और नेट मीटर लगाती है।
  5. 5कमीशनिंग रिपोर्ट और बैंक विवरण जमा करें — केंद्र की सब्सिडी सीधे आपके खाते में आती है, आमतौर पर लगभग 30 दिन में।

पूरी प्रक्रिया, दस्तावेज़ और DCR नियम के लिए पढ़ें PM सूर्य घर योजना की पूरी गाइड।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

उत्तर प्रदेश में सोलर पर कितनी सब्सिडी मिल सकती है?

PM सूर्य घर की राष्ट्रीय सब्सिडी (3 kW या उससे बड़े सिस्टम के लिए ₹78,000 तक) के अलावा उत्तर प्रदेश में अतिरिक्त राज्य प्रोत्साहन है: ₹15,000 प्रति kW राज्य सब्सिडी (अधिकतम ₹30,000)। उत्तर प्रदेश (UPNEDA के माध्यम से) केंद्र की सब्सिडी के ऊपर प्रति kW ₹15,000 की राज्य सब्सिडी देता है, जो आवासीय सिस्टम के लिए अधिकतम ₹30,000 तक है। केंद्र के ₹78,000 के साथ मिलाकर 3 kW वाले घर को कुल ₹1,08,000 तक मिल सकते हैं — देश में सबसे ज़्यादा संयुक्त सब्सिडी वाले राज्यों में से एक। राज्य का हिस्सा निरीक्षण के बाद सीधे बैंक खाते में आता है और केंद्र की राशि से अलग होता है। राज्य की योजनाएँ बदलती रहती हैं, इसलिए बजट बनाने से पहले UPNEDA (UP New & Renewable Energy Development Agency) से वर्तमान राशि की पुष्टि कर लें (जाँच: अक्टूबर 2026)।

उत्तर प्रदेश में 1 kW सोलर कितनी बिजली बनाता है?

लगभग 5 पीक सन आवर प्रतिदिन और सामान्य 78% परफ़ॉर्मेंस रेश्यो पर, हर kW क्षमता से लगभग 119 यूनिट प्रति माह (≈ 1,424 यूनिट प्रति वर्ष) की उम्मीद करें।

उत्तर प्रदेश में रूफटॉप सोलर के आवेदन कौन-सी DISCOM देखती है?

PuVVNL, MVVNL, DVVNL, PVVNL, KESCO, Noida Power, Torrent Power (Agra)। आवेदन राष्ट्रीय PM सूर्य घर पोर्टल से होकर आपकी DISCOM तक जाते हैं, जो व्यवहार्यता मंज़ूरी और नेट मीटरिंग देखती है।

उत्तर प्रदेश में सब्सिडी के लिए आवेदन की आख़िरी तारीख़ क्या है?

केंद्र की PM सूर्य घर सब्सिडी अक्टूबर 2026 तक की स्थिति के अनुसार 31 मार्च 2027 तक स्वीकृत है; किसी विस्तार की आधिकारिक सूचना नहीं है, इसलिए उससे काफ़ी पहले आवेदन करें और सिस्टम चालू करवाएँ। उत्तर प्रदेश की राज्य योजना अपने राज्य-नियमों से चलती है और उसकी अवधि अलग हो सकती है — UPNEDA (UP New & Renewable Energy Development Agency) से पूछें। वर्तमान स्थिति के लिए pmsuryaghar.gov.in देखें।

अंग्रेज़ी में पूरा पेज: Solar subsidy in Uttar Pradesh

काम का लगा? किसी ऐसे व्यक्ति को भेजें जो सोलर लगवाने की सोच रहा है।